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एक नमूना :
वाह मेरे नेताजी अभी उस दिन की अपनी बात भूल गए उस दिन तो कस्साबपुरे में लेच्क्चार झाड रहे थे की
'ये साले हिन्दू काफ़र है. इनकी देव वाणी ने हमारी नाक में दम कर रखा है ..'
और कल , कल वामंपुरी में कह रहे थे
'ये मुस्लमान वो मुस्लमान नहीं .. है जिन्हें हिन्दुस्तान की आवाज से प्यार है .. ये तो विदेशियों के गीत गाते है ...'
क्यों नेताजी दोनों जमातो को आपस में लड़कर अपनी नेतागिरी कायम रखना चाहते हूँ ...
सुनलो हिन्दुस्तान की सभी भाषाएँ हमारी अपनी भाषाएँ है...
"AAINA"
Directed by Mr. Rajesh Dua Ji
Natya Kala Manch
on
26th November
26th November
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